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तफूलत मोर्चा नहीं देखा करती !!...:)

2 min read Originally published on Blogspot, 2008

दोस्तों,

ये Video तब की है जब मैं Salzburg से Munich लौट रहा था …train में एक बड़ी प्यारी सी बच्ची मिली ..बिल्कुल मेरी बहन प्रकृति के जैसी ..अपने पापा के साथ घर लौट रही थी …अब बच्चों का तो आप जानते ही हो …she smiled…I smiled…and खुराफात shuru…अब मैं जो भी हरकत करूँ , वो copy करने लगे …बड़ा मज़ा आ रहा था उसकी हरकतें देख कर के …I asked her Father how old was she, तो पता चला की ये नन्हा शैतान बस 5 बरस का है …मेरी बहन प्रकृति भी तो 5 साल की ही है ना…

सिर्फ़ मेरा ही नहीं , उस बच्ची ने train में सभी का मन मोह लीया था ..कितने प्यार से खिलखिला के हंस रही थी…आपलोग video में देख सकते हैं ..she was just so fast in responding to your moves की ख़ुद को भी हैरत होने लगे …हे हे हे …मेरे में और भी दोस्त थे …Robert, Ana, Gosia, Lucas, Beata, Andreas सारे …सब को खूब मज़ा आया …Munich Central पहुन्च्के बड़ा मन हुआ की बच्ची के लिए एक 5 star ले लूँ …but फ़िर ये आभास हुआ की मैं Ranchi स्टेशन पर नहीं Munich स्टेशन पे खड़ा हूँ …जहाँ लोगों के पास इतना प्यार करने को न तो टाइम होता है और ना ही यहाँ 5 star मिल्ती है …फिर भी जब तक वापस लौटा एक fritz chocolate लेके …she was gone with her father…

चलो कोई नहीं …दूसरी बार कभी मिलेगी तो पहचान पाना तो मुश्किल ही है ..मैंने तो नाम भी नहीं पुच्चा…उसे इंग्लिश जो नहीं आती थी…1 घंटा कराटे खेला अपनी नन्ही दोस्त के साथ…मज़ा आ गया ..और एक बात पक्की हो गई …बच्चे किसी भी देश के हों …प्यारे भी उतने ही होते हैं …और मासूम भी उतने ही …

सच ही कहा है किसी ने …ईश्वर का रूप है बच्चों में !!…Einverstendein…Ganz Genau!!

चलो छोटी , किस्मत रही तो फ़िर मिलेंगे!

तुम्हारे उज्जवल भविश्य के लिए कामना करता हूँ…

तुम्हारा भइया,

पीयूष राज ‘सख्त जानी’

— Piyush

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